क्राउडफंडिंग क्या है / What is Crowdfunding in Hindi

By | September 24, 2021

क्राउडफंडिंग क्या है / What is Crowdfunding in Hindi – सोशल मीडिया का करते हैं इस्तेमाल, तो जानें क्राउड फंडिंग के बारे में – अक्सर आप अपने से बड़े लोगों से सुनते होंगे, कि पहले के जमाने में लोगों को जब कोई नया काम करना होता था या फिर उन्हें सामाजिक भलाई के लिए चंदा इकट्ठा करना होता था। तो वह एक छोटा सा बैग या फिर बक्सा लेकर लोगों के घरों पर जाकर उनसे पैसे मांगते थे और लोग भी आसानी से उन्हें पैसे दे देते थे। जिससे बड़े से बड़ा काम भी लोगों की मदद से आसानी से निपट जाता था। हालांकि आज के इस डिजिटल युग में ऐसा करना पाना काफी मुश्किल है।

सोशल मीडिया के इस युग में लोग अपने घर में ही एक दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, तो ऐसे में कौन एक दूसरे के साथ लोगों के घर-घर जाकर चंदा मांगेगा। हालांकि सोशल मीडिया के जरिए इस दौरान एक अच्छी पहल भी सामने आई है। जिससे कई लोगों की मदद भी संभव हुई है और उसका नाम है ‘क्राउड फंडिंग।’

क्राउडफंडिंग क्या है / What is Crowdfunding in Hindi

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये क्राउड फंडिंग है क्या? आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम अपने इस ब्लॉग में आपको क्राउड फंडिंग के बारे में ही बताने जा रहे हैं। क्राउड फंडिंग उस चंदे का नाम है, जो कि एक दूसरे से मिलकर नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए इकट्ठा किया जाता है।

जी हां, लोग सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से जुड़ते हैं और किसी सामाजिक कार्य, बिजनेस या फिर किसी भी परियोजना के लिए बड़े स्तर पर धन जुटाने का काम करते हैं। यही नहीं इस माध्यम से कई बड़े-बड़े काम आसान भी हुए हैं।

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क्राउड फंडिंग के पार्ट

इस तरह की फंडिंग के लिए तीन पार्टों का होना बहुत जरूरी है:-

प्रोजेक्ट इनिशिएटर – क्राउड फंडिंग के लिए प्रोजेक्ट इनिशिएटर का होना बहुत जरूरी है। इसके जरिए ही लोगों को सोशल मीडिया के जरिए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी मिलती है।

सपोर्टर्स – दूसरा सबसे अहम हिस्सा है सपोर्टर्स, सपोर्टर्स किसी भी कैंपेन को अच्छे से समझकर, पर्सनल और सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क को बढ़ाते हैं और कैंपेन को सफल बनाने का काम करते हैं।

प्लेटफॉर्म – तीसरा और सबसे अहम पार्ट है प्लेटफॉर्म। क्राउड फंडिंग में प्लेटफॉर्म का होना बहुत जरूरी है। प्लेटफॉर्म वो जगह मुहैया कराता है, जहां दो लोग मिल सकें। मतलब एक प्रोजेक्ट को लाने वाले और दूससे वो जो इस प्रोजेक्ट में इनवेस्ट करना चाहते हैं।

सबसे चर्चित प्लेटफॉर्मस:

भारत में भी क्राउड फंडिंग के कुछ चर्चित प्लेटफॉर्म काम कर रहे हैं, जिनमें Milaap, Wishberry funds, Miracle Foundation, Rangde, CrowdCube और Seedrs प्रमुख हैं।

भारत में क्राउड फंडिंग के तरीके:

  1. सबसे पहला है इक्विटी बेस्ड क्राउड फंडिंग, इसमें काफी ज्यादा मात्रा में इनवेस्टर्स की ओर से पैसा लगाया जाता है, जिससे उन्हें किसी स्टार्टअप में इक्विटी का ज्यादा हिस्सा मिल सके। हालांकि यह तरीका भारत में गैरकानूनी है।
  2. क्राउड फंडिंग के तरीकों में एक है डोनेशन बेस्ड क्राउड फंडिंग। इसके जरिए डोनर्स अपने हिसाब से किसी भी सामाजिक कार्य के लिए दान दे सकते हैं और यह राशि कितनी भी बड़ी हो सकती है।
  3. तीसरा तरीका है रिवॉर्ड बेस्ड क्राउड फंडिंग, इसमें इनवेसर्स को फंड इनवेस्टमेंट के बदले रिवॉर्ड दिया जाता है। जो आर्टिस्ट के नए एलबम की कॉपी या फिर किसी फिल्म का टिकट और कुछ भी उपहार हो सकता है।
  4. एक तरीका है पीपीपी मॉडल। क्राउड फंडिंग के इक्विटी बेस्ड इस मॉडल को भारत में ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधारित इस मॉडल को तब इस्तेमाल में लाया जाता है, जब सरकार को किसी सरकारी योजना को पूरा करने के लिए हजारों करोड़ रुपए की जरूरत होती है और उसके पास पर्याप्त मात्रा में पैसा नहीं होता है। ऐसे में वह प्राइवेट कंपनियों से एग्रीमेंट करती है।
  5. भारत में क्राउड फंडिंग का सबसे आखिरी तरीका है डेट (Debt) बेस्ड क्राउड फंडिंग। इसके जरिए कंपनी की सिक्योरिटी में इनवेस्ट किया जाता है। इसमें कंपनी को लोन के रूप में पैसा दिया जाता है और बदले में वह कंपनी निर्धारित ब्याज दर पर पैसा वापस देती है।

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